सूर्य नमस्कार सीखिए

सूरज को नमस्कार करने के तीन तरीक़े: शरीर से, साँस से और आभार से। बैठकर करना चाहते हैं? कुर्सी सूर्य नमस्कार कीजिए। आज जो सही लगे, वहीं से शुरुआत कीजिए, अपनी रफ़्तार से।

[Video: एक पूरा राउंड, धीमी रफ़्तार में, आवाज़ में निर्देशों के साथ]

01 · शरीर से नमस्कार

12 स्टेप

आराम से कीजिए, साँस सहज रखिए, और उतना ही झुकिए जितना आसानी से हो सके। पहले पूरा Video देखिए, फिर एक-एक स्टेप के साथ कीजिए।

शुरू करने से पहले

  • खाली पेट कीजिए, हो सके तो सुबह, सूरज की तरफ़ मुँह करके।
  • चटाई या ऐसी जगह लीजिए जहाँ फिसलने का डर न हो, और आरामदायक कपड़े पहनिए।
  • 2-3 राउंड से शुरुआत कीजिए। जैसे-जैसे शरीर की आदत बने, धीरे-धीरे बढ़ाइए।
  • नाक से साँस लीजिए। ज़बरदस्ती साँस मत रोकिए।
  • अगर आप कसरत में नए हैं, प्रेगनेंट हैं, या कोई सेहत की दिक़्क़त है, तो पहले डॉक्टर से बात कर लीजिए और हमारी सेहत से जुड़ी ज़रूरी बातें पढ़िए।
  1. स्टेप 1, प्रणामासन 01 साँस छोड़िए

    प्रणामासन

    प्रणाम की मुद्रा

    सीधे खड़े होइए, पैर मिलाइए, और सीने के सामने हाथ जोड़िए।

  2. स्टेप 2, हस्तउत्तानासन 02 साँस लीजिए

    हस्तउत्तानासन

    हाथ ऊपर

    हाथ ऊपर और थोड़ा पीछे ले जाइए, सीना हल्का-सा खुले।

  3. स्टेप 3, हस्तपादासन 03 साँस छोड़िए

    हस्तपादासन

    आगे झुकना

    कमर से आगे झुकिए और हाथ ज़मीन की तरफ़ लाइए। ज़रूरत हो तो घुटने मोड़ लीजिए।

  4. स्टेप 4, अश्व संचलनासन 04 साँस लीजिए

    अश्व संचलनासन

    घुटना नीचे

    दायाँ पैर पीछे ले जाइए, घुटना नीचे टिकाइए और ऊपर देखिए।

  5. स्टेप 5, दंडासन 05 साँस रोकिए

    दंडासन

    शरीर एक सीध में

    बायाँ पैर भी पीछे ले जाइए। सिर से एड़ी तक शरीर एक सीध में रखिए।

  6. स्टेप 6, अष्टांग नमस्कार 06 साँस छोड़िए

    अष्टांग नमस्कार

    आठ अंगों से नमस्कार

    घुटने, सीना और ठुड्डी ज़मीन पर लाइए, कमर का निचला हिस्सा थोड़ा ऊपर रहे।

  7. स्टेप 7, भुजंगासन 07 साँस लीजिए

    भुजंगासन

    सीना ऊपर

    आगे खिसककर सीना ऊपर उठाइए; कोहनियाँ हल्की मुड़ी और कंधे ढीले।

  8. स्टेप 8, पर्वतासन 08 साँस छोड़िए

    पर्वतासन

    उल्टा V

    कमर का निचला हिस्सा ऊपर उठाकर शरीर से उल्टा V बनाइए।

  9. स्टेप 9, अश्व संचलनासन 09 साँस लीजिए

    अश्व संचलनासन

    घुटना नीचे

    दायाँ पैर दोनों हाथों के बीच आगे लाइए और ऊपर देखिए।

  10. स्टेप 10, हस्तपादासन 10 साँस छोड़िए

    हस्तपादासन

    आगे झुकना

    बायाँ पैर भी आगे लाइए और पैरों की तरफ़ झुकिए।

  11. स्टेप 11, हस्तउत्तानासन 11 साँस लीजिए

    हस्तउत्तानासन

    हाथ ऊपर

    धीरे से ऊपर आइए, हाथ ऊपर और थोड़ा पीछे।

  12. स्टेप 12, प्रणामासन 12 साँस छोड़िए

    प्रणामासन

    वापस खड़े होना

    हाथ नीचे लाइए, सीधे खड़े होइए, सीने के सामने हाथ जोड़िए और आराम कीजिए।

यह आधा राउंड हुआ। अब स्टेप 4 और 9 में बायाँ पैर आगे-पीछे करके दोबारा कीजिए, तो एक पूरा राउंड हो जाएगा। अलग-अलग परंपराओं में थोड़ा-बहुत फ़र्क़ होना आम बात है।

अगर मुश्किल लगे

  • बैठकर करना चाहते हैं? नीचे दिए कुर्सी सूर्य नमस्कार से हर स्टेप कुर्सी पर कीजिए।
  • आगे झुकते समय घुटने थोड़े मोड़ लीजिए।
  • दंडासन में घुटने ज़मीन पर टिका लीजिए।
  • भुजंगासन की जगह सिर्फ़ सीना हल्का-सा उठाइए।
  • संतुलन के लिए दीवार या कुर्सी का सहारा लीजिए।

इसे आदत बनाइए

संकल्प लीजिए और अपना प्रैक्टिस Tracker पाइए। हर सुबह अपने राउंड लिखिए और देखिए कि आपकी स्ट्रीक कैसे बढ़ती है।

वरिष्ठ नागरिकों और उन सबके लिए जिन्हें सहारा चाहिए

कुर्सी सूर्य नमस्कार

10 स्टेप का एक आसान राउंड, मज़बूत कुर्सी पर बैठकर, जो प्रणाम मुद्रा से शुरू होकर उसी पर ख़त्म होता है। ज़मीन पर उतरे बिना सूर्य नमस्कार का सिलसिला और साँस की लय बनी रहती है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए, और उन सबके लिए जिनके घुटनों में जकड़न, कमर में दर्द या संतुलन की दिक़्क़त है।

सूर्योदय के समय छत पर लकड़ी की कुर्सी पर बैठी, आसमान की तरफ़ हाथ उठाए एक वरिष्ठ महिला

सुरक्षित तैयारी

  • बिना पहियों वाली मज़बूत कुर्सी लीजिए और उसे दीवार से सटाकर रखिए ताकि वह फिसले नहीं। फ़ोल्डिंग कुर्सी मत लीजिए।
  • सीट के आगे वाले आधे हिस्से पर बैठिए, कमर सीधी, पैर ज़मीन पर सपाट और कूल्हों जितनी दूरी पर।
  • धीरे-धीरे कीजिए और नाक से साँस लीजिए। साँस कभी मत रोकिए।
  • चक्कर या बेचैनी लगे तो रुक जाइए। हाई ब्लड प्रेशर, कमर, घुटने या कूल्हे की तकलीफ़ हो, या हाल में ऑपरेशन हुआ हो, तो पहले डॉक्टर से पूछ लीजिए।

कुर्सी सूर्य नमस्कार, एक-एक स्टेप

  1. कुर्सी सूर्य नमस्कार, शुरुआत: प्रणाम मुद्रा
    शुरुआतसाँस छोड़िए

    प्रणाम मुद्रा

    प्रणामासन

    कुर्सी के आगे वाले हिस्से पर सीधे बैठिए, पैर सपाट और कूल्हों जितनी दूरी पर। हथेलियाँ सीने के सामने जोड़िए।

  2. कुर्सी सूर्य नमस्कार, 01: हाथ ऊपर
    01साँस लीजिए

    हाथ ऊपर

    हस्त उत्तानासन

    दोनों हाथ सिर के ऊपर उठाइए और धीरे से कुर्सी की पीठ पर पीछे झुकिए। ऊपर उतना ही देखिए जितना आराम से हो।

  3. कुर्सी सूर्य नमस्कार, 02: आगे झुकना
    02साँस छोड़िए

    आगे झुकना

    हस्तपादासन

    कूल्हों से आगे झुकिए और हाथों को पैरों के पास ज़मीन की तरफ़ ले जाइए। गर्दन ढीली रखिए।

  4. कुर्सी सूर्य नमस्कार, 03: दायाँ घुटना सीने से
    03साँस लीजिए

    दायाँ घुटना सीने से

    अश्व संचालनासन

    सीधे बैठिए, दायाँ घुटना दोनों हाथों से पकड़कर सीने की तरफ़ लाइए। ठोड़ी उठाकर ऊपर देखिए।

  5. कुर्सी सूर्य नमस्कार, 04: सिर घुटने से
    04साँस छोड़िए

    सिर घुटने से

    दायाँ घुटना पकड़े रहिए, पीठ को धीरे से गोल कीजिए और माथा घुटने की तरफ़ लाइए।

  6. कुर्सी सूर्य नमस्कार, 05: पैर ऊपर
    05साँस सहज रखिए

    पैर ऊपर

    पैर नीचे रखिए। सीट के किनारे पकड़िए, थोड़ा पीछे झुकिए और दोनों पैर सीधे सामने उठाइए। आसान तरीक़ा: एड़ियाँ ज़मीन पर ही रहने दीजिए।

  7. कुर्सी सूर्य नमस्कार, 06: हाथ ऊपर
    06साँस लीजिए

    हाथ ऊपर

    हस्त उत्तानासन

    पैर वापस ज़मीन पर। दोनों हाथ सिर के ऊपर उठाइए और धीरे से कुर्सी की पीठ पर पीछे झुकिए।

  8. कुर्सी सूर्य नमस्कार, 07: आगे झुकना
    07साँस छोड़िए

    आगे झुकना

    हस्तपादासन

    कूल्हों से आगे झुकिए, हाथ ज़मीन की तरफ़।

  9. कुर्सी सूर्य नमस्कार, 08: बायाँ घुटना सीने से
    08साँस लीजिए

    बायाँ घुटना सीने से

    अश्व संचालनासन

    सीधे बैठिए, बायाँ घुटना पकड़कर सीने की तरफ़ लाइए। ठोड़ी उठाकर ऊपर देखिए।

  10. कुर्सी सूर्य नमस्कार, 09: सिर घुटने से
    09साँस छोड़िए

    सिर घुटने से

    बायाँ घुटना पकड़े रहिए, पीठ गोल कीजिए और माथा घुटने की तरफ़ लाइए।

  11. कुर्सी सूर्य नमस्कार, 10: हाथ ऊपर
    10साँस लीजिए

    हाथ ऊपर

    हस्त उत्तानासन

    पैर नीचे रखिए, दोनों हाथ सिर के ऊपर उठाइए और धीरे से पीछे झुकिए।

  12. कुर्सी सूर्य नमस्कार, अंत: प्रणाम मुद्रा
    अंतसाँस छोड़िए

    प्रणाम मुद्रा

    प्रणामासन

    हाथ नीचे लाइए, हथेलियाँ सीने के सामने जोड़िए और एक-दो साँस आराम कीजिए।

यह एक राउंड हुआ। 1 या 2 राउंड से शुरुआत कीजिए और जैसे-जैसे आसान लगे, बढ़ाइए। जो स्टेप ठीक न लगे, उसे छोड़ दीजिए।

सेहत से जुड़ी ज़रूरी बातें पढ़िए

02 · साँस से नमस्कार

सूरज के साथ साँस

सूरज की रोशनी में बैठकर उसे नमस्कार करने का एक शांत तरीक़ा। हर उम्र के लिए, और उन दिनों के लिए भी जब शरीर से करना मुमकिन न हो।

सुबह की धूप में बगीचे की बेंच पर बैठी, आँखें बंद करके धीरे-धीरे साँस लेती एक वरिष्ठ महिला
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    धूप ढूँढिए

    ऐसी जगह बैठिए या खड़े होइए जहाँ सुबह की धूप आप तक पहुँचे: खिड़की, बालकनी, छत या बगीचा। रोशनी को अपने चेहरे और शरीर पर पड़ने दीजिए।

  2. 2

    आँखें बंद कीजिए

    आराम से, कमर सीधी रखकर बैठिए और हाथ ढीले छोड़ दीजिए। आँखें बंद कीजिए। सूरज की तरफ़ सीधे कभी मत देखिए।

  3. 3

    रोशनी को अंदर लीजिए

    नाक से धीरे-धीरे साँस लीजिए। सोचिए कि सूरज की किरणें आपके शरीर में आ रही हैं और आपको गर्माहट से भर रही हैं, और आपके अंदर एक कमल धीरे-धीरे खिल रहा है।

  4. 4

    धीरे से साँस छोड़िए

    साँस छोड़ते हुए सोचिए कि कमल धीरे से बंद हो रहा है और किरणें आपके शरीर से बाहर जा रही हैं, अपने साथ थकान भी ले जा रही हैं।

  5. 5

    कुछ मिनट दोहराइए

    5 से 10 साँसें, या कुछ मिनट तक यही कीजिए। आख़िर में एक पल शांत बैठिए, और चाहें तो धन्यवाद कहिए।

एक मिनट, गाइड के साथ

छह धीमी साँसें, लगभग एक मिनट। घेरे के बड़े-छोटे होने के साथ साँस लीजिए, और लय पकड़ में आ जाए तो आँखें बंद कर लीजिए।

 

 

धूप में ध्यान रखिए

  • सूरज की तरफ़ सीधे कभी मत देखिए, सूर्योदय के समय भी नहीं। आँखें बंद रखिए।
  • हल्की धूप चुनिए: सुबह जल्दी या शाम को। दोपहर की तेज़ धूप से बचिए।
  • कुछ मिनट काफ़ी हैं। गर्मी, चक्कर या बेचैनी लगे तो छाँव में चले जाइए।
  • साँस सहज रखिए। साँस को कभी रोकिए मत, न ज़बरदस्ती खींचिए।

सेहत से जुड़ी ज़रूरी बातें पढ़िए

03 · आभार से नमस्कार

सूरज को धन्यवाद

आभार सूरज को नमस्कार करने के सबसे पुराने तरीक़ों में से एक है। कोई मंत्र बोलिए, प्रार्थना कीजिए, या बस अपने शब्दों में धन्यवाद कहिए। हो सके तो सूरज की तरफ़ मुँह करके, हाथ जोड़कर।

सूर्योदय के समय छत पर हाथ जोड़े, सूरज की तरफ़ मुस्कुराते हुए एक वरिष्ठ दंपति

मंत्र और प्रार्थना

ॐ घृणि सूर्याय नमः

Om Ghrini Suryaya Namah

तेजस्वी सूरज को नमस्कार। एक छोटा मंत्र, जिसे धीरे-धीरे कुछ बार दोहराइए।

ॐ भूर्भुवः स्वः।
तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि।
धियो यो नः प्रचोदयात्॥

Om Bhur Bhuvah Swah,
Tat Savitur Varenyam,
Bhargo Devasya Dhimahi,
Dhiyo Yo Nah Prachodayat

गायत्री मंत्र, जो सविता यानी सूरज को समर्पित है। "हम सूरज के तेजस्वी प्रकाश का ध्यान करते हैं। वह हमारी बुद्धि को जगाए और सही राह दिखाए।"

या सूरज के 12 नाम बोलिए

अपने शब्दों में कहिए

धन्यवाद कहने का कोई ग़लत तरीक़ा नहीं है। आज आप किस बात के लिए शुक्रगुज़ार हैं, चुनिए, या अपने शब्दों में लिखिए।

मैं शुक्रगुज़ार हूँ
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