एक मुहिम, जो सूरज के साथ जागती है

SUN IT UP पुणे से शुरू हुई एक मुहिम है, जो सूर्य नमस्कार के ज़रिए लोगों का सूरज से रिश्ता जोड़ती है, उस सूरज से जिस पर हर जीवन टिका है। कॉलेज के स्टूडेंट हों या वरिष्ठ नागरिक, पहली बार कर रहे हों या सालों से करते आ रहे हों, सबके लिए।

पेड़ों के बीच सुबह की धूप में साथ मिलकर हाथ ऊपर उठाता एक ग्रुप

हमारा मक़सद

लोगों को हर दिन सूरज से फिर से जोड़ना, और सूर्य नमस्कार के ज़रिए उसे धन्यवाद कहना: शरीर से, साँस से और आभार से।

हम किन बातों में यक़ीन रखते हैं

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सूरज से ही हम ज़िंदा हैं

रोशनी, गर्माहट, खाना और हमारे दिन की लय, सब सूरज से आता है। क्योंकि वह हर सुबह उगता है, हम उसकी क़द्र करना भूल जाते हैं। हम यह बदलना चाहते हैं।

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तीन तरीक़े, एक नमस्कार

सूर्य नमस्कार शरीर से हो सकता है, साँस से हो सकता है, या आभार से। हर तरीक़ा सूरज का स्वागत है, और हर तरीक़ा गिना जाता है।

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परंपरा, आज की भाषा में

सूर्य नमस्कार के पीछे पीढ़ियों की समझ है। हम उसे सीधी भाषा में बताते हैं, और दिखाते हैं कि यह आज की ज़िंदगी में कैसे फ़िट होता है।

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हर किसी का स्वागत है

कोई भी उम्र हो, कोई भी फिटनेस हो। खड़े होकर या कुर्सी पर स्टेप कीजिए, साँस लीजिए या बस धन्यवाद कहिए। जहाँ हैं, वहीं से शुरुआत कीजिए।

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करना सबसे ज़रूरी है

इसके बारे में पढ़ना अच्छा है, पर असली फ़र्क़ रोज़ करने से आता है।

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साथ मिलकर और बेहतर

साथ में की गई सुबह की प्रैक्टिस नए रिश्ते बनाती है और रोज़ करने का हौसला भी देती है।

हम क्या करते हैं

  • 5 Videos की एक सीरीज़: आसन सीखिए, सूर्य मंत्र, सूरज के साथ ध्यान, सूरज का शुक्रिया, और सूर्य नमस्कार के फ़ायदे व इतिहास।
  • एक Community Kit, ताकि कॉलेज, हाउसिंग सोसाइटी, ऑफ़िस, क्लब और वरिष्ठ नागरिकों के ग्रुप यह सीरीज़ अपने लोगों को दिखा सकें।
  • एक WhatsApp Community, जहाँ अभ्यास करने वाले सब लोग जुड़े रहते हैं, अपनी सुबह के अनुभव शेयर करते हैं और अपडेट पाते हैं।
  • संकल्प और प्रैक्टिस Tracker, ताकि यह आदत बन जाए।
  • Instagram, YouTube और WhatsApp पर रील्स, कहानियाँ और नई ख़बरें।

हमारी Initiative Lead की ओर से

SUN IT UP के पीछे की सोच

जहाँ तक मुझे याद है, सूरज ने मेरी ज़िंदगी को गढ़ा है। वह हर दिन उसी ठहराव के साथ उगता है, और उसकी इसी निरंतरता ने मुझे अनुशासन सिखाया, तेजस्वीपणा (वह चमक और भीतर का तेज जो उसमें है) सिखाया, और बिना भेदभाव के देना सिखाया, क्योंकि वह सब पर एक जैसा चमकता है। जब उसकी गर्माहट मुझे छूती है, तो मन में एक शांत-सी ख़ुशी उठती है, अपने आस-पास की दुनिया से जुड़ाव गहरा होता है, और मैं आभार से भर जाती हूँ।

मेरे गुरु की परंपरा सूर्यवंश से जुड़ी है, और इसी राह पर चलते हुए मैंने सूरज को जीवन, चेतना और हमारे भीतर की ऊर्जा के प्रतीक के रूप में देखा है। मेरे पिता के नाम का अर्थ भी सूरज है।

एक गायनेकोलॉजिस्ट और नैचुरल बर्थिंग एक्सपर्ट के तौर पर मैं हमेशा प्रकृति की समझ देखकर हैरान रही हूँ: गर्भ ठहरना, गर्भ की अपनी समझ, और जन्म का सफ़र। पेड़-पौधों से मेरा प्यार भी उसी सम्मान से आता है, उस जीवन-शक्ति के प्रति जो हमें थामे रखती है।

फिर भी, भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में हम में से कई लोग उस स्रोत से दूर हो गए हैं जो हमें जीवन और ऊर्जा देता है। SUN IT UP हमें वापस उससे जोड़ने की मेरी कोशिश है। सूर्य नमस्कार, सूरज को एक धन्यवाद, और हर दिन के कुछ सजग पल: इनके ज़रिए मैं चाहती हूँ कि लोग थोड़ा रुकें, सूरज की ओर मुड़ें और उस ऊर्जा को फिर से महसूस करें। शरीर से अभ्यास एक शुरुआत है। मैं लोगों के भीतर आभार, ताज़गी और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का एहसास जगाना चाहती हूँ।

कभी-कभी सबसे बड़े बदलाव सबसे छोटे क़दमों से शुरू होते हैं।

चलिए, सूरज के साथ उठें, ज़िंदगी के साथ चलें और अपने भीतर की रोशनी जगाएँ।

SUN IT UP: अपने स्रोत से फिर जुड़ने की एक मुहिम, हर सूर्योदय के साथ।

[फ़ोटो]

रितु पेटकर
Initiative Lead, SUN IT UP

मेरे गुरु, योगिराज सिद्धनाथ (गुरुनाथ), और मेरे पिता, डॉ. सुधाकर पेटकर को समर्पित।

हमारी टीम

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    रितु पेटकर
    Initiative Lead

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    अर्हा दोइजोडे
    Project Lead

  • [Photo]

    ट्यूलिप पेटकर
    Planning & Strategy Lead

हमारे साथ सुबह शुरू करने के लिए तैयार हैं?

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